अब आपको डॉक्टर के पास जाने की कोई जरुरत नहीं है उच्च रक्त चाप (high BP) का और्वेदिक घरेलु उपचार ….

       उच्च रक्त चाप(high BP) का घरेलु उपचार

     आपका फिर से एक बार स्वागत है  www.chhotubhai.com पर आज आपको एक नयी और्वेदिक औसधि के बारे में बताने जा रहा हूँ   आज कल के जमने में आयुर्वेद का उपयोग नहीं के बराबर होता है परन्तु सच तो ये है की जितने भी इलाज होते है दुनिया भर में उनका एक ही आधार होता है वो सभी कही न कहि से आयुर्वेद से ही जुड़े होते है और इनके बारे में जो जान जाता है वो फिर किसी डॉक्टर के चक्कर में नहीं पड़ता 




            

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उच्च रक्तचाप से जल्दी निजाद पाने के लिए आपको सबसे पीला होने खानपान पे ध्यान देना चाहिए अगर आपको उच्च रक्तचाप की परेशानी है तो आप बिलकुल भी नमक और नमकीन चजो से दूर रहे सब पहले आपको खुद से तैयार होना पड़ेगा की आप जल्दी से ठीक होना चाहते है अपने मोबाइल को बनाइये मिनी प्रोजेक्टर (projector) घर में ही बनाए प्रोजेक्टर अपने मोबाइल से

अपने सुना ही होगा की जब आपका दिमाग कुछ सोचता है तो वो उसकी प्रतिक्रिया पुरे शरीर पे होने लगती है

तो आइए जानते है इस युग के सबसे कॉमन बीमारी और खतरनाक बीमारी रक्तचाप से कैसे निजाद पाया जाये

100 % पथरी का आयुर्वेदिक इलाज, इन विधियों का प्रयोग करके 100 % आप पथरी से निजाद पा सकते हैं।   

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सामान्य रक्तचाप      रोगी की आयु के अनुसार रक्तचाप में कुछ अंतर रहता है , पर आमतौर पर 120 /80 रक्तचाप को सामान्य माना गया है रोग के कारणों एवं शरीर स्वस्थता -अस्वस्थता के अनुसार ही परिवर्तन होता है। 

 
उच्च रक्त के लक्षण :-
  •  किसी भी तरह से मानसिक विकार काम क्रोध शोक चिन्तादि कारणों से व किसी भी तरह के मानसिक रोग उन्माद अनिद्रा आदि कारणों विवेचनशील मानसिक थकान,शोक भ्रमजन्य मानसिक आघात आदि कारणों 
  • से रक्तचाप बढ़ जाता है 
  • यह रोग बालक  युवा वृद्धा सभी में देखने को मिल जाता है
  • पर बाल्यावस्था से युवावस्था में तथा युवावस्था में वृद्धावस्था में अधिकतर देखने में आता है 
  • बेल के आश्चर्यजनक औषधि उपयोग सर्पविष ,ज्वर,ख़राब फोड़े, मसूड़े का रोग, वमन (उल्टी ) में
  • बिना किसी कारन के होने वाले रक्तचाप को एसेंसियल रक्तचाप कहते है
  • नेत्रो में भारीपन, नस सा तनाव सा प्रतीत होता है.
  • निद्रा नास्ता हो जाती है सोते रहने की तीव्र इच्छा करना, चित्त अशांत लगना 
  • मुख्य में खट्टा-खट्टा पनि आना वमन (उलटी) प्रवित्ति,मुख सुखना तृस्ना शीतल पेय पिने की इच्छा 
  • चेहरा तमतमाया हुआ सा लगना घबराहट व बेचैनी आना तथा अनुत्साह लगना 
  • स्मरण शक्ति न्यून चित्त में भ्रमता अशांति आक्षेप व सन्यास होना
  • किसी भी अंग में शून्यता का अनुभव होना या किसी भाग का पक्षाघात होना 
  • मूत्र त्याग की बार बार इच्छा होना नासिका से रक्त का स्त्राव होना 
उपाय तो आइए जानते है की घर में ही प इस भयक बीमारी से कैसे निजाद पा सकते है
 
शास्त्रीय चिकित्सा 
 

 

  1. रसराज रस 1-1  गोली सुबह शाम मधुरस के साथ या दूध के साथ लेने से रक्तचाप की समस्या खत्म हो जाती है
  2. वातचिन्तमणि रस रक्तचाप एवं उसके उपद्रवों में इसका प्रयोग उत्तम है
  3. सर्पगन्धा घनवटी का प्रयोग भी शांत निद्रा लेकर रक्तचाप का शमन करती है
  4. योगेन्द्र रस का प्रयोग रक्तचाप के साथ आक्षेप में भी उत्तम है
  5. अस्वगन्धारिस्ट + अर्जुनारिस्ट १-१ गोली बनकर पनि के साथ मिलकर भोजन के बाद देना उत्तम है

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    1. मध्यमनारयन तेल की शारीर पर मालिश भी रक्तचाप में लाभदायक है
    2. पिप्पिल वर्धमान का प्रयोग भी रक्तचाप में उत्तम है  
    3. रोगी को प्रातः सूर्यौदय से पहले दो से तिन मील पैदल घूमना चाहिए पर ध्यान रहे ये काम हमेशा सुबह के ठन्डे मौसम में ही करे जिससे आपके शारीर को गर्मी न हो
    4. रोगी को सदा काम क्रोध चिंता व्याकुलता आदि मानसिक आवेगों से बचाना चाहिए
    5. कठिन शारीरिक परिश्रम तथा मानसिक श्रम भी देर तक नहीं करना चाहिए 
    6. प्रातः नित्य ठन्डे पानी से स्नान करना चाहिए , प्राणायाम करना चाहिए , सूर्यनमस्कार, योगनिद्रा, शवशन आदि  करना चाहिए 

 

  • वनस्पति घी का प्रयोग नहीं करना चाहिए   
  • आधे पेट एक बार कहना अच्छा रहता है अगर आप एक बार कहना खा के नहीं रह सककते तो थोड़ा थोड़ा दो बार खाये मगर आशिक भोजन ना करे 
  • रात्रि का भोजन हल्का होना चाहिए भूक से काम भोजन लेना चाहिए  उसमे भी प्रोटीन और सोडियम की मात्र कम लेनी चाहिए

 

फेसबुक कलर TRICK फेसबुक में अपने दोस्तों को कीजिये सरप्राइज कीजिये कलर मैसेज, बनाइये आईडी नाम को कलरफुल ,

  1. रोगी को केवल फल दूध चावल आदि पर रहे और नमक न लें तो बढ़ा हुआ रक्तचाप भर शीघ्र ही नियंत्रण में आजायेगा बिटामिन बी और सी का प्रयोग भी लाभदायक रहता है सप्ताह में एक दिन द्रव आहार पर रहना चाहिए 
  2. दिन भर में जल अधिक मात्रा में पिन चाहिए जिससे मित्र दिन भर में  २ लीटर  तक आ जावे
  3. मदिरा चाय तम्बाखू आदि उत्तेजक पदार्थो का सेवन नहीं करना चाहिए

आशा करता  हूँ की आपको इस पोस्ट से हेल्प मिला होगा अगर आपको थोड़ा भी हेल्प मिला  परिवार वालों  दोस्तों  साथ  ऐसे शेयर करें और आप भी उनकी हेल्प करें.
और  भाई का वेबसाइट है तो कृपया याद रखे http://www.chhotubhai.com

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